Multiple Choice Question
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न 1 से 3 के उत्तर दें:
साहित्य का आधार जीवन है। इसी आधार पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है, उसकी अटारियाँ, मीनार और गुंबद बनते हैं; लेकिन बुनियाद मिट्टी के नीचे दबी पड़ी है। जीवन परमात्मा की सृष्टि है, इसलिए सुबोध, सुगम और मर्यादाओं से परिमित है। जीवन परमात्मा को अपने कार्यों का जवाबदेह है या नहीं, हमें नहीं मालूम, लेकिन साहित्य मनुष्य के सामने जवाबदेह है। इसके लिए कानून हैं, जिनसे वह इधर-उधर नहीं हो सकता।
साहित्य का आधार जीवन है। इसी आधार पर साहित्य की दीवार खड़ी होती है, उसकी अटारियाँ, मीनार और गुंबद बनते हैं; लेकिन बुनियाद मिट्टी के नीचे दबी पड़ी है। जीवन परमात्मा की सृष्टि है, इसलिए सुबोध, सुगम और मर्यादाओं से परिमित है। जीवन परमात्मा को अपने कार्यों का जवाबदेह है या नहीं, हमें नहीं मालूम, लेकिन साहित्य मनुष्य के सामने जवाबदेह है। इसके लिए कानून हैं, जिनसे वह इधर-उधर नहीं हो सकता।
गद्यांश में प्रयुक्त 'सुबोध' शब्द का सही विलोम क्या होगा?
Explanation:
'सुबोध' (जिसे आसानी से समझा जा सके) का विलोम 'दुर्बोध' (जिसे समझना कठिन हो) होता है।