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भारतीय संविधान: अनुच्छेद, संशोधन और नीति निदेशक तत्त्व (DPSP) – पूरा विस्तृत लेख

constitution of india

दोस्तों, क्या आपको भी लगता है कि Indian Constitution याद करना किसी पहाड़ चढ़ने जैसा है? असल में, ये सिर्फ कानून की किताब नहीं है, बल्कि हमारे देश का “Operating System” है। आज हम Articles, Amendments और DPSP को इतने आसान तरीके से समझेंगे कि आप Exams में कभी कंफ्यूज नहीं होंगे। चलिए, शुरू करते हैं!

1. भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद (Important Articles)

हमारे संविधान में शुरुआत में 395 Articles, 22 Parts और 8 Schedules थे। समय के साथ नए बदलाव आए, पर परीक्षा के लिए आपको सब याद करने की ज़रूरत नहीं है। सिर्फ इन “VIP” अनुच्छेदों पर ध्यान दें:

1.1 मूल अधिकार (Fundamental Rights) – अनुच्छेद 12 से 35

1.2 केंद्र और राज्य सरकार (Important Articles)

2. महत्वपूर्ण संविधान संशोधन (Constitutional Amendments)

संविधान में सुधार करने को Amendment कहते हैं। अब तक 100 से ज़्यादा संशोधन हो चुके हैं, पर ये कुछ सबसे महत्वपूर्ण हैं:

3. नीति निदेशक तत्त्व (DPSP) – अनुच्छेद 36 से 51

DPSP का मतलब है “सरकार के कर्तव्य”। ये कोर्ट द्वारा जबरदस्ती लागू नहीं कराए जा सकते, लेकिन एक अच्छी सरकार के लिए इन सिद्धांतों को मानना ज़रूरी है। इन्हें 3 श्रेणियों में समझें:

4. मूल अधिकार और DPSP में संबंध

Fundamental Rights नागरिकों को सुरक्षा देते हैं, जबकि DPSP सरकार को विकास का रास्ता दिखाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, ये दोनों “एक ही सिक्के के दो पहलू” (Two sides of the same coin) हैं।

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